डिजिटल क्रांति के इस युग में सोशल मीडिया केवल संवाद का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह जनजागरूकता, नीति प्रचार, और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुँचाने का एक प्रभावशाली मंच बन चुका है। इसी सोच को साकार करते हुए उत्तराखंड सरकार ने “डिजिटल मीडिया/इन्फ्लुएंसर नीति 2025” का मसौदा तैयार किया है। यह नीति सरकार और जनता के बीच डिजिटल सेतु का कार्य करेगी और राज्य के ब्रांड को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर भी प्रदान करेगी।
nnnnनीति का उद्देश्य
nnnnउत्तराखंड सरकार की योजनाओं और लोक कल्याणकारी नीतियों को जन-जन तक पहुँचाना इस नीति का प्रमुख उद्देश्य है। खासकर वे लोग जो उत्तराखंड से बाहर या विदेशों में निवास कर रहे हैं, उनके लिए यह एक डिजिटल पुल का कार्य करेगा।
nnnnइस नीति के ज़रिए सरकार निम्नलिखित लक्ष्यों को हासिल करना चाहती है:
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- प्रवासी उत्तराखंडियों तक सरकारी योजनाओं की सही जानकारी पहुँचाना। nnnn
- युवाओं को डिजिटल माध्यम से राज्य की योजनाओं में भागीदार बनाना। nnnn
- स्थानीय प्रभावशाली डिजिटल चेहरे (Influencers) को सरकार के विकास अभियानों से जोड़ना। nnnn
- पारदर्शी और परिणाम आधारित प्रचार व्यवस्था विकसित करना। n
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इन्फ्लुएंसर्स की पहचान और वर्गीकरण
nnnnनीति में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को इस आधार पर वर्गीकृत किया गया है:
nnnn➤ प्लेटफॉर्म के अनुसार:
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- YouTube nnnn
- X (पूर्व में Twitter) n
➤ फॉलोअर्स / सब्सक्राइबर्स के आधार पर:
nnnnइन्फ्लुएंसर को A से E श्रेणी में रखा गया है, जैसे कि:
nnnn| श्रेणी | फॉलोअर्स/सब्सक्राइबर्स |
|---|---|
| A | 10 लाख से अधिक |
| B | 5 लाख से 10 लाख |
| C | 2 लाख से 5 लाख |
| D | 1 लाख से 2 लाख |
| E | 50 हजार से 1 लाख |
हर श्रेणी के लिए न्यूनतम व्यूज़ और पोस्ट की संख्या तय की गई है, जिससे इन्फ्लुएंसर की प्रभावशीलता और सक्रियता का आकलन किया जा सके।
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आवेदन की प्रक्रिया
nnnnजो व्यक्ति/एजेंसी उत्तराखंड सरकार के साथ कार्य करना चाहते हैं, उन्हें निम्नलिखित दस्तावेज़ देने होंगे:
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- पिछले एक वर्ष का सोशल मीडिया एनालिटिक्स रिपोर्ट nnnn
- GST नंबर, पैन कार्ड और बैंक अकाउंट डिटेल्स nnnn
- संबंधित सोशल मीडिया चैनल्स के विवरण nnnn
- एक घोषणा पत्र कि वे सरकार, सार्वजनिक संस्थानों या किसी अन्य विवादास्पद मामले में संलिप्त नहीं हैं n
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मूल्यांकन एवं पारदर्शिता
nnnnनीति के अनुसार इन्फ्लुएंसर्स के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा:
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- View Based Payment Model अपनाया गया है – यानी पोस्ट पर प्राप्त वास्तविक व्यूज़ के अनुसार भुगतान। nnnn
- एक तकनीकी चयन समिति इन्फ्लुएंसर की गुणवत्ता का आकलन करेगी और उन्हें पैनल में शामिल किया जाएगा। nnnn
- गलत जानकारी देने, अनुचित सामग्री पोस्ट करने या सरकारी नीति के खिलाफ जाने पर सूची से हटाया भी जा सकता है। n
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भुगतान मॉडल
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- भुगतान की गणना प्रत्येक पोस्ट/वीडियो/रिल्स पर प्राप्त व्यूज़ के आधार पर की जाएगी। nnnn
- अधिक व्यूज़ और प्रभावी कंटेंट वाले इन्फ्लुएंसर्स को बढ़े हुए भुगतान मिलेंगे। nnnn
- अधिकतम भुगतान सीमा 5 लाख रुपये प्रति अभियान तक निर्धारित की गई है (YouTube जैसी श्रेणियों में)। n
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नीति के संभावित लाभ
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- स्थानीय क्रिएटर्स को पहचान और राजकीय सहयोग। nnnn
- सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार, खासकर दूरदराज़ क्षेत्रों में। nnnn
- प्रवासी उत्तराखंडियों को डिजिटल रूप से जोड़ने का प्रयास। nnnn
- राज्य की सांस्कृतिक और पर्यटन छवि को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा। nnnn
- सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद और विश्वास निर्माण। n
“उत्तराखंड डिजिटल मीडिया इन्फ्लुएंसर पॉलिसी – 2025” न केवल एक प्रशासनिक दस्तावेज है, बल्कि यह एक डिजिटल सामाजिक आंदोलन का हिस्सा है। यह पारंपरिक प्रचार से आगे जाकर युवाओं, प्रवासियों और सोशल मीडिया की ताकत को जोड़ने वाला अभिनव प्रयास है। यह नीति उत्तराखंड को “डिजिटल हिमालय” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस पहल है।
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📢 क्या आप उत्तराखंड के डिजिटल इन्फ्लुएंसर हैं?
nnnnतो तैयार हो जाइए – अब आपका कंटेंट भी राज्य निर्माण का भाग बन सकता है!
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