देहरादून, 29 जून। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सोमवार को सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा की। उन्होंने सभी जनपदों को गणना फार्मों के डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्र पूरा करने तथा मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं को “अन-कलेक्टेबल” श्रेणी में चिह्नित किया गया है, उनका एक बार पुनः सत्यापन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन जनपदों में गणना फार्मों का डिजिटाइजेशन लगभग पूरा हो चुका है, वे मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी शुरू करें। साथ ही डीईओ एवं ईआरओ को एएसडी सूची की बूथवार स्वयं समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि प्रदेश में अब तक 99 प्रतिशत से अधिक गणना फार्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 92 प्रतिशत से अधिक फार्मों का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है। जनपद अल्मोड़ा और चंपावत ने डिजिटाइजेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है। वहीं बागेश्वर और पिथौरागढ़ में 97 प्रतिशत, टिहरी गढ़वाल में 96 प्रतिशत, उत्तरकाशी में 95 प्रतिशत, चमोली एवं पौड़ी गढ़वाल में 94 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में 93 प्रतिशत, नैनीताल एवं ऊधमसिंह नगर में 91 प्रतिशत तथा देहरादून और हरिद्वार में 88 प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सभी जनपदों की अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को बधाई दी तथा शेष कार्य भी निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी एवं निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) उपस्थित रहे।
