अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम पहुंचकर पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान जागेश्वर के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेले के सफल एवं सकुशल आयोजन की मंगलकामनाएं देते हुए प्रदेशवासियों तथा देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को हरेला पर्व की शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत राज्य की सबसे बड़ी धरोहर है। हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव तथा प्रकृति के अटूट संबंध का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने जागेश्वर मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को संरक्षित एवं सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर धाम भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु दिव्य ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर धाम की पावन भूमि उन्हें भी सदैव नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करती है, जिससे उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए उनकी मूल सांस्कृतिक एवं धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखना है।
उन्होंने बताया कि जागेश्वर मास्टर प्लान के अंतर्गत लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से धाम का सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस परियोजना में मंदिर परिसर की प्राचीन गरिमा और मूल स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन के बाद इस पवित्र धाम के प्रति श्रद्धालुओं का आकर्षण तेजी से बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु जागेश्वर धाम पहुंच चुके हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और स्वरोजगार को व्यापक लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य कर रही है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से धार्मिक पर्यटन, सड़क एवं अन्य आधारभूत ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा, कनेक्टिविटी और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता और प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड शीघ्र ही देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रावणी मेले के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, सामाजिक समरसता और आस्था का जीवंत उत्सव है, जिसे और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष हेमा गैड़ा, अल्मोड़ा के मेयर अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर.एस., जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्थानीय नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
