हल्द्वानी, 29 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ संवाद किया। आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा उनके समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
संवाद के दौरान व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं के सरलीकरण, मंडी शुल्क, अतिक्रमण एवं पार्किंग, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं, स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन सहित विभिन्न मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
व्यापार और उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक प्रत्येक व्यापारी उत्तराखंड की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण भागीदार है। सरकार व्यापारियों एवं उद्यमियों के हितों के प्रति संवेदनशील है और प्रदेश में सुरक्षित, पारदर्शी एवं सरल व्यावसायिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कोविड काल का उल्लेख करते हुए कहा कि संकट के समय किराना और रिटेल व्यापारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। व्यापारी वर्ग ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाकर खुद को देश और प्रदेश का मजबूत स्तंभ साबित किया। उन्होंने व्यापारियों को “ब्रांड इंडिया” का सच्चा राजदूत बताया।
29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सरल और प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था तथा सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में 29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे लगभग 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की स्पष्ट सोच है कि शासन उद्योगों के लिए बाधा नहीं, बल्कि सहयोगी और भागीदार बने।
युवाओं को रोजगार देने वाला बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड स्थापित किया गया है। सरकार का प्रयास है कि पर्वतीय क्षेत्रों का युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सके।
पर्वतीय जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिन्हित की गई है। हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है, जबकि भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
‘मेड इन उत्तराखंड’ को वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का विकास केवल बड़े उद्योगों से संभव नहीं है। गांवों के उत्पाद, शिल्पकार, किसान, छोटे व्यापारी और स्थानीय उद्यमी भी विकास के महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी पहलों के जरिए स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि ‘मेड इन उत्तराखंड’ गुणवत्ता और विश्वास के साथ वैश्विक बाजार में मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।
“आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है”
मुख्यमंत्री धामी ने व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश और व्यापारिक गतिविधियों को और गति देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।”
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां युवाओं के हाथ में रोजगार, व्यापारियों के मन में विश्वास और उद्यमियों के सामने नए अवसर हों। व्यापार और उद्योग जगत की सहभागिता से विकसित उत्तराखंड का संकल्प साकार होगा और प्रदेश विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, राम सिंह कैड़ा, नवीन लाल वर्मा, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, शंकर कोरंगा, हुकुम सिंह कुंवर सहित व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे तथा जीएसटी, उद्योग, सिडकुल एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मनमोहन मैनाली ने किया।
