नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में My Home India द्वारा आयोजित ‘NeST Fest-2026’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों से आए छात्र-छात्राओं और युवाओं का देवभूमि उत्तराखण्ड की ओर से स्वागत करते हुए कहा कि “देवभूमि उत्तराखण्ड आपका अपना घर है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद युवा ऊर्जा के बीच उन्हें भारत का उज्ज्वल भविष्य दिखाई दे रहा है। युवा केवल विद्यार्थी नहीं, बल्कि देश की ऐसी शक्ति हैं, जिनमें बड़े से बड़े सपनों को साकार करने का साहस और सामर्थ्य है। उन्होंने युवाओं से खूब पढ़ने, खेलने, बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी मेहनत से आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ‘NeST Fest’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और देश की एकता-अखंडता का प्रतीक है। पूर्वोत्तर और उत्तराखण्ड के पहाड़ी परिवेश, रहन-सहन और भौगोलिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं। ऐसे आयोजन दोनों क्षेत्रों के बीच आत्मीय संबंधों को और मजबूत करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत और देश के अन्य हिस्सों के बीच भावनात्मक एकता का सेतु बन रहा है। My Home India द्वारा पूर्वोत्तर के युवाओं को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ने का कार्य राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने पूर्वोत्तर को भारतीय संस्कृति के चमकते मुकुट की संज्ञा देते हुए कहा कि यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और देश की सुरक्षा में सशक्त प्रहरी की भूमिका निभाता है। उन्होंने मैरी कॉम, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन, बाइचुंग भूटिया और भारत रत्न स्वर्गीय भूपेन हजारिका जैसी प्रतिभाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर ने देश को अनेक गौरवशाली प्रतिभाएं दी हैं।
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर को देश से दूर नहीं, बल्कि दिल के करीब रखा है। वर्ष 2014 के बाद सड़क, पुल, सुरंग, जलमार्ग, गैस ग्रिड, मोबाइल कनेक्टिविटी और ऑप्टिकल फाइबर सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से विकास हुआ है। भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग जैसी परियोजनाओं से क्षेत्र में व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर खुले हैं।
उन्होंने कहा कि इन विकास प्रयासों के केंद्र में पूर्वोत्तर का युवा है। डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया और फिट इंडिया जैसी पहलों से युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। शिक्षा, कौशल और खेल के क्षेत्र में भी पूर्वोत्तर में नए संस्थानों और परियोजनाओं के माध्यम से बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में वर्ष 2025 में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें देशभर के 10 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। राष्ट्रीय खेलों की मशाल उत्तराखण्ड से पूर्वोत्तर भेजी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि पूर्वोत्तर में होने वाले राष्ट्रीय खेल भी खिलाड़ियों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएंगे।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में शिक्षा प्राप्त कर रहे पूर्वोत्तर के छात्र-छात्राओं को भरोसा दिलाया कि प्रदेश में उनकी सुरक्षा, सम्मान और प्रगति राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन भी किया।
