देहरादून/नई दिल्ली, 29 जून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा उत्तराखंड सरकार के बीच नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते पर उत्तराखंड शासन की ओर से स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे तथा भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अपर सचिव आराधना पटनायक की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते के तहत प्रधानमंत्री निधि के माध्यम से उत्तराखंड को 4 अत्याधुनिक एमआरआई (MRI) मशीनें, 5 डिजिटल मैमोग्राफी (DBT) मशीनें तथा 75 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित पोर्टेबल हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के माध्यम से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में जांच सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा। इससे गंभीर बीमारियों की समयबद्ध, सटीक एवं गुणवत्तापूर्ण जांच और निदान सुनिश्चित हो सकेगा। विशेष रूप से पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में एआई-सक्षम पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के जरिए मरीजों को उनके निकट ही बेहतर जांच एवं उपचार सेवाएं उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलेगी।
यह पहल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने के साथ-साथ ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) उत्तराखंड के मिशन निदेशक संदीप तिवारी सहित भारत सरकार एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
