आज देहरादून स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित हाईलेवल समीक्षा बैठक में दीपम सेठ ने राज्यव्यापी विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा के लिए सतर्क, सक्रिय और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अपराधियों की धरपकड़, सघन चेकिंग और व्यापक सत्यापन अभियान आगे भी और अधिक प्रभावशीलता के साथ जारी रहेगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में गढ़वाल एवं कुमाऊँ परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षकों, सभी जनपदों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, एसटीएफ एवं जीआरपी अधिकारियों ने भाग लिया।
अभियान के तहत पिछले एक माह में 1400 से अधिक वांछित, फरार और पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 अभियुक्तों की गिरफ्तारी और गुंडा एक्ट में 130 से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा राज्यभर से 66 अवैध हथियार बरामद कर संबंधित आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में मुकदमे दर्ज किए गए।
ऊधमसिंहनगर पुलिस ने हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा को भारी मात्रा में अवैध असलाह और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया। जांच में इनके तार आतंकी संगठन “अल बदर” से जुड़े पाए गए। वहीं एसटीएफ ने पाकिस्तानी आतंकी संगठन “अल बरक ब्रिगेड” के संपर्क में रहे विक्रांत कश्यप को देहरादून से अवैध पिस्टल और कारतूस सहित गिरफ्तार किया।
राज्य में अवैध रूप से रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को भी फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं सार्वजनिक स्थलों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 4000 से अधिक असामाजिक तत्वों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
यातायात अभियान के तहत रैश ड्राइविंग, ड्रंक एंड ड्राइव, फर्जी नंबर प्लेट और हूटर के दुरुपयोग के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 15 हजार से अधिक वाहनों के चालान किए गए, 900 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया तथा 2000 से अधिक वाहन सीज किए गए।
पुलिस ने 18 हजार से अधिक होटल, बार, पब, क्लब, स्पा और ढाबों की जांच की तथा नियमों के उल्लंघन पर 1200 से अधिक लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। इसके साथ ही किरायेदारों, पीजी, होटल, होम-स्टे और धर्मशालाओं में 40 हजार से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन कर संदिग्धों पर निगरानी बढ़ाई गई।
चारधाम यात्रा के दौरान साइबर ठगी रोकने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक ब्लॉक किए और 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद कराए। यात्रा पंजीकरण, हेली टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर ठगी करने वाले 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 फर्जी मोबाइल धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
