दून के 125 विद्यालयों में खुले में पकता है मिड-डे मील,रसोई निर्माण के लिए एक करोड़ मंजूर

Uttarakhand News
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(देहरादून )24मई,2025.

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देहरादून जिले के 125 सरकारी स्कूलों (प्राथमिक व जूनियर) में अब तक रसोई ही नहीं है। इन स्कूलों में खुले में मिड-डे मील बनाया जा रहा है। इससे भोजन की गुणवत्ता पर खतरा मंडराता रहता है।

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पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना की समीक्षा के दौरान जब यह सच डीएम सविन बंसल के सामने आया तो उन्होंने तत्काल अनटाइड फंड से एक करोड़ रुपये जारी कर स्कूलों में रसोई का निर्माण कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि इस कार्य में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के लिए रसोई का निर्माण अतिशीघ्र कर लिया जाए। उन्होंने कहा, भोजन में गुणवत्ता व पोषक तत्वों का विशेष ध्यान रखें।

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जीर्णशीर्ण 695 विद्यालयों में रसोई की होगी मरम्मत:
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बुधवार को क्लेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना की समीक्षा के लिए क्रियान्वयन व अनुश्रवण समिति की बैठक ली। इसमें पीएम पोषण योजना की प्रगति, मिड-डे मील की गुणवत्ता, अतिरिक्त सप्लीमेन्ट्री न्यूट्रीशन व बच्चों के विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से चर्चा कर निर्देश दिए। डीएम ने जीर्णशीर्ण 695 विद्यालयों में रसोई की मरम्मत को भी जिला प्लान में शामिल करने के निर्देश दिए।

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रसोई से हटाएं एल्यूमीनियम के बर्तन:
डीएम ने कहा, खाना पकाने के सभी बर्तन लोहे के हों। एल्यूमीनियम के सभी बर्तनों को तत्काल हटाया जाए। दरअसल, इसके पीछे डीएम की मंशा है कि लोहे के बर्तनों में पके भोजन से बच्चों को अधिकतम आयरन प्राप्त हो सके। एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना पकाने से आयरन और कैल्शियम जैसे पोषक तत्व भोजन में अपेक्षाकृत कम हो जाते हैं। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना पकाने से पोषक तत्वों का अवशोषण कम होता है।

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एल्युमीनियम आयरन और कैल्शियम जैसे तत्वों को सोख लेता है, जिससे वे भोजन में नहीं पहुंच पाते। इससे बच्चों की हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। डीएम ने कहा, लोहे के बर्तन खरीदने के लिए स्कूल ग्रांट का उपयोग करें। आवश्यकता पड़ी तो प्रोजेक्ट उत्कर्ष से बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

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अधिक छात्र संख्या वाले 50 स्कूलों में भोजन माता को मिलेगी सहायक
डीएम ने कहा, पहली बार यह व्यवस्था जिले में की गई है कि अधिक छात्र संख्या वाले 50 स्कूलों में जिला प्रशासन ने एक स्थानीय महिला की अतिरिक्त व्यवस्था की है, जो महिला भोजन माता की सहायक रहेगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि निर्धारित दर पर स्थानीय महिला की तैनाती की जाए। इसके लिए जिला प्लान से बजट दिया जाएगा।

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स्कूल बोले- बजट नहीं, डीएम बोले- खनन न्यास निधि से दिलाएंगे:
डीएम को बताया गया कि जिले के स्कूलों में 91 रसोई जीर्णशीर्ण स्थिति में हैं। 604 स्कूलों में रसोई की मरम्मत के लिए विद्यालय के पास पर्याप्त बजट नहीं है। जिलाधिकारी ने शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि तत्काल इसका प्रस्ताव उपलब्ध कराएं। खनन न्यास निधि से रसोई की मरम्मत के लिए पर्याप्त धनराशि दी जाएगी।

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14 विद्यालयों में पेयजल कनेक्शन नहीं:
जिले के 14 विद्यालयों में पेयजल कनेक्शन नहीं होने पर जिलाधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन से जल्द ही पेयजल संयोजन कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार व रोग ग्रस्त बच्चों की समय-समय पर देखभाल करना सुनिश्चित करें।

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मिड-डे मील पर नजर:

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  • पीएम पोषण योजना का लाभ ले रहे विद्यालय – 1306
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  • लाभ पा रहे प्राथमिक स्तर के छात्र – 41049
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  • लाभ प्राप्त कर रहे जूनियर स्तर के छात्र – 29618
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  • केन्द्रीयकृत किचन से मिड-डे मील आपूर्ति का लाभ ले रहे स्कूल – 638
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  • जिले के स्कूलों में कार्यरत भोजनमाता – 2118(सा
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