भारत पहुंचा आईएनएस तमाल

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(नई दिल्ली)11सितम्बर,2025.

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रूस से निकलकर कई देशों की नेवी के साथ एक्सरसाइज करते हुए इंडियन नेवी का वॉरशिप आईएनएस तमाल कल यानी बुधवार को भारत पहुंचा।ये कारवार पहुंचा। तमाल इंडियन नेवी का आखिरी इंपोर्टेड वॉरशिप है। तमाल को 1 जुलाई को रूस के कैलिनिनग्राद स्थित यांतर शिपयार्ड में हुई सेरेमनी में नेवी में कमीशन किया गया था। INS तमाल मल्टी-रोल स्टील्थ फ्रिगेट है इसके कमिशनिंग सीओ कैप्टन श्रीधर टाटा हैं जो मिसाइल और तोपखाना युद्ध विशेषज्ञ हैं।

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आखिरी इंपोर्टेड वॉरशिप:
साल 2016 में भारत और रूस के बीच 4 तलवार क्लास स्टेल्थ फ्रिगेट बनाने के लिए समझौता हुआ था। जिनमें से दो रूस में और दो भारत में बनने थे। रूस में बने ‘तुशील’ को पिछले साल ही नेवी में शामिल किया गया है और इस साल तमाल भी नेवी को मिल गया। नेवी पहले ही यह साफ कर चुकी है कि अब भविष्य में कोई और वॉरशिप बाहर से नहीं खरीदा जाएगा। इसलिए ‘तमाल’ नेवी का आखिरी इंपोर्टेड वॉरशिप है। नेवी में तलवार क्लास के वॉरशिप 2003 से शामिल होना शुरू हो गए थे। इस क्लास के 6 वॉरशिप नेवी में हैं।

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आईएनएस तमाल का सफर:
रूस से भारत की तरफ आते हुए आईएनएस तमाल 6 से 9 अगस्त तक मोरक्को के कैसाब्लांका बंदरगाह पर रुका। पिछले दो सालों में आईएनएस तमाल, कैसाब्लांका जाने वाला तीसरा इंडियन वॉरशिप था। इसके बाद आईएनएस तमाल 13 अगस्त को इटली के नेपल्स बंदरगाह पहुंचा। यह दौरे ने भारत और इटली के बीच 2023 में बने रणनीतिक साझेदारी के तहत बढ़ते रिश्तों को भी हाईलाइट किया। नेपल्स बंदरगाह में पहुंचने से पहले आईएनएस तमाल ने इटली की नेवी के लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक आईटीएस ट्राएस्टे के साथ पासेज एक्सरसाइज (PASSEX) की। इसके बाद आईएनएस तमाल 19 अगस्त को ग्रीस के सूडा बे बंदरगाह पहुंचा। यहीं से निकलते हुए भी तमाल ने पासेज एक्सरसाइज की। इसके बाद आईएनएस तमाल और स्वदेशी गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर आईएनएस सूरत दोनों ही 27 और 28 अगस्त को सऊदी अरब के जेद्दाह बंदरगाह पर पहुंचे। इस दौरान इंडियन नेवी के दोनों वॉरशिप ने रॉयल सऊदी नेवल फोर्स (RSNF) के कॉर्वेट एचएमएस जाज़ान के साथ पासेज एक्सरसाइज में हिस्सा लिया।

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INS तमाल की खासियत:
यह एक आधुनिक वॉरशिप है जो समुद्र, हवा और पानी के भीतर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध इन चारों क्षेत्रों में ऑपरेशन कर सकता है। इस वॉरशिप से रूसी हथियारों के सफल परीक्षण किए गए थे जिनमें सतह से हवा में मार करने वाली Shtil-1 मिसाइल, तोपें और टॉरपीडो शामिल है। इसमें डुअल रोल ब्रह्मोस मिसाइल, लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें, 30MM की क्लोज-इन वैपन सिस्टम, 100MM मेन गन, अत्याधुनिक ASW रॉकेट्स और टॉरपीडो लगे हैं। इस वॉरशिप पर कामोव-28 और कामोव-31 जैसे हेलिकॉप्टर भी उतर सकते हैं। यह शिप NBC (न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल, केमिकल) सुरक्षा से भी लैस है और इसमें फायर फाइटिंग और डैमेज कंट्रोल की ऑटोमेटेड सुविधाएं हैं। तमाल इंडियन नेवी का 14 वां फ्रिगेट है। नेवी के पास फ्रिगेट के अलावा 10 डिस्ट्रॉयर हैं और 10 कोरवेट हैं।(

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