एनआईईपीवीडी, देहरादून में ‘अंतर दृष्टि’ – सेंसरी डार्क रूम का उद्घाटन

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राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान देहरादून द्वारा नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी), दिल्ली के सहयोग से ‘अंतर दृष्टि’ – एक विशिष्ट सेंसरी डार्क रूम का सोमवार को उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPWD) के माननीय सचिव श्री राजेश अग्रवाल उपस्थित रहे। साथ ही संयुक्त सचिव श्रीमती मनमीत कौर नंदा तथा संस्थान के निदेशक श्री प्रदीप अनिरुद्धन भी मौजूद रहे।

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‘अंतर दृष्टि’ एक विशेष रूप से निर्मित सेंसरी डार्क रूम है, जिसका उद्देश्य आमजन को दृष्टि दिव्यांगजनों के जीवन से परिचित कराना तथा उनके प्रति संवेदनशीलता उत्पन्न करना है। इस कक्ष में पूर्ण अंधकार का वातावरण निर्मित किया गया है, जहाँ आगंतुकों को दृष्टिबाधितों के दृष्टिकोण से दैनिक जीवन की अनुभूति कराई जाती है। यह पहल समाज में दृष्टिबाधितों के प्रति सहानुभूति, समझ और समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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इस अवसर पर संस्थान द्वारा अमर सेवा संगम के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो कि दिव्यांगजनों के पुनर्वास और समावेशन के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्था है। यह समझौता ज्ञापन श्री राजेश अग्रवाल, सचिव, DEPwD , श्रीमती मनमीत कौर नंदा, संयुक्त सचिव, DEPwD तथा श्री प्रदीप ए. निदेशक एनआईईपी वीडी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

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इस सहयोग के अंतर्गत, एनआईईपीवीडी Enable Inclusion® ऐप को अंगीकार करेगा, जो अमर सेवा संगम द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है। यह ऐप बच्चों में विकासात्मक एवं बौद्धिक दिव्यांगताओं की शीघ्र पहचान, हस्तक्षेप तथा ट्रैकिंग के लिए प्रयोग किया जाता है और विभिन्न समुदायों में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

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एनआईईपीवीडी इस ऐप में दृष्टिबाधितों से संबंधित विशेषज्ञता प्रदान करेगा ताकि ऐप की कार्यक्षमता को इस वर्ग की विशेष आवश्यकताओं के अनुसार विस्तारित किया जा सके। यह ऐप दृष्टिबाधित बच्चों और वयस्कों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप डिजिटल सहायता उपलब्ध कराने में सक्षम होगा।

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एनआईईपीवीडी के सहयोग से Enable Inclusion® ऐप के विस्तार से शीघ्र हस्तक्षेप, टेली-काउंसलिंग, ट्रैकिंग तथा पुनर्वास योजना निर्माण की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी तथा व्यापक बन सकेगी, जिससे देशभर में दिव्यांगजनों के लिए एक सशक्त डिजिटल सहायता तंत्र सृजित होगा।

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