जब बच्चों को मिली अपनी आवाज़: डिजी धारा की पहल ने खोला अभिव्यक्ति का मंच
दस दिवसीय थिएटर कार्यशाला के बाद अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल में बच्चों ने नुक्कड़ नाटकों के जरिए उठाए सामाजिक मुद्दे प्रखर गोयल | अल्मोड़ा हर बच्चे के भीतर एक कहानी होती है, कुछ सवाल होते हैं और अपनी बात कहने की इच्छा भी। लेकिन कई बार बच्चों को यह पता नहीं होता कि अपनी भावनाओं और […]
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